पारिवारिक व्यभिचार: रक्षाबंधन के दिन बहन हुई शिकार – Text Stories



( यह पटकथा सीता बाला को भेजने के लिए लिखी गई है ताकि वह इस घटना पर पोर्न फिल्म बना सके )

बिमलेंदु १८ वर्ष का था. उसकी छोटी बहन पूजा १६ की. इस साल रक्षाबंधन का शुभ दिन आया जो कुछ अलग किस्म का निकला. बिमलेंदु सदा से ही अपनी बहन को प्यार करता था. पूजा हमेशा अपने इस बड़े भाई के लिए पूजा का थाल सजाती, मिठाई व नारियल रखती, थाल में कपूर का दीपक होता. वह उसकी आरती करती, प्रणाम कर आशीर्वाद लेती, और उसका बड़ा भाई भी उसे कुछ गिफ्ट देता. पूजा जब ९ साल की थी तब से उसे याद है वो भैय्या को पवित्रटा से राखी बांधती आई है. इस साल कुछ दूसरी बात रही.

इस वर्ष उसके माता और पिता दोनों ही एक जरूरी काम से नागपुर गए थे जो वे रक्षाबंधन के दिन तक नहीं आ सके. वे एक सप्ताह से बाहर ही थे.

बिमलेंदु कुछ समय से कुसंगति में था. उसके नए दोस्त व्यभिचारी थे. ख़ास कर उसका जिगरी दोस्त कुणाल. वह १९ वर्ष का था और उसकी बहन सलोनी १७ की. पिछले रक्षाबंधन में अपनी बहन पूजा से राखी बंधवाने के तुरंत बाद वह कुणाल के घर गया था. वहां सलोनी ने कुणाल की कलाई पर राखी बाँधी धी व उसके बाद वे मंदिर गए थे. बिमलेंदु भी साथ ही था. मंदिर वे उस समय पहुंचे थे जब वहां सुनसान था. तीनों मंदिर के गर्भगृह में बने शिवलिंग को अर्घ्य चढाने लगे. उसके बाद बिमलेंदु ने जो देखा वह कुछ अलग ही नजारा था. जब सलोनी लिंग को अर्घ्य दे रही थी, कुनाल ने पीछे से अपनी बहन के नितम्ब दबाने शरू कर दिए थे. यह सही है कि उसकी बहन बहुत सेक्सी थी. सलोनी ने एतराज किया, वह बोली – ” ये क्या कर रहे हो, भैय्या? ” तो कुणाल चहक कर बोला – ” अपनी प्यारी बहन को आशीर्वाद दे रहा हूँ, रक्षाबंधन का! ” कुणाल ने गौर किया कि उसकी बहन ने ज्यादा विरोध नहीं किया. बस वह नखरे के साथ बोली – ” छोड़ो, सबके सामने ये क्या कर रहे हो, बिमलेंदु जी देख रहे हैं! ” कुणाल बोला – ” तो क्या हुआ, उसकी भी तो बहन है, हमसे ही तो सीखेगा ” . सलोनी दबे स्वर से बोली – ” छोडो ना? राजा भैय्या!! ” . लेकिन कुणाल बोला – ” रक्षाबंधन पर तो बहन को पक्का प्यार करूंगा ही करूंगा ” यह कह उसने अपनी सगी बहन के साथ छेड़खानी शुरू कर दी. कुछ ही देर में उसने अपनी बहन के ऊपरी वस्त्र उतार दिए, उसकी बहन अब सिर्फ पेटीकोट व ब्लाउज में रह गई. ” वाह, मेरी बहन, ” यह कह उसने उसके पेटीकोट का नाड़ा खींच लिया व ब्रा उतार दी. साला खुद भी नंगा हो गया. बिमलेंदु ने तब ताड़ा कि कुणाल की बहन भी छिनाल है. वह मधुरता से ” भैय्या भैय्या ” बोल रही थी और सहयोग कर रही थी. बिमलेंदु ने कुणाल का मोटा लंड उसकी बहन की चूत में घुसते देखा. इस्ससे बिमलेंदु भी उत्तेजित हो गया. तभी कुणाल की बहन सलोनी ने बिमलेंदु को एक मीठी आवाज दी – ” तुम भी आजाओ ना बिमल भैया? ” बिमालेंदु से रहा नहीं गया और वह सलोनी के पीछे लग उसके मम्मे मरोड़ने लगा. बिमलेंदु का नंगा लंड सलोनी बहन की गांड से टकरा रहा था.

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इस घटना के बाद बिमलेंदु अपनी छोटी बहन पूजा को कामुक नज़रों से देखने लगा. लेकिन छिप छिप कर, कुछ ” वो ” नसाहीं किया.

लेकिन इस रक्षाबंधन पर जब पवित्र क्रिया संपन्न हो गई वह बहन से बोला – तुमने राखी ठीक जगह नहीं बाँधी ” बहन बोली – ” कलाई पर ही तो बाँधी है, और कहाँ बांधुंगी? ” तभी बिमलेंदु ने बहन को अपने बदन से जकड लिया, और बोला – ” चल, छोरी तुझे बताता हूँ कि राखी असल में कहाँ बाँधी जाती है! ” पूजा जोर से चिल्लाई और छूटने का प्रयास किया पर बिमल ने उसका मुंह बंद कर दिया, और बहन का हाथ अपने लंड पर ले आया और बोला – ” यहाँ बांधते है राखी, समझी? ” पूजा बोली – ” भैय्या, तुम्हें क्या हो गया, बहन केसाथ एकया कररहे हो?? ” बिमल बोला – प्यारी बहन को प्यार कर रहा हूँ ” .

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इसके बाद रक्षाबंधन के दिन भैय्या ने बहन की इज्जत उतार दी. उसकी चूत में अपना लंड पेला और बहन की चुदाई की.

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