बी.एड कालेज की छत पर मोनी को चोदे – Text Stories



फिर मोनी के जाने के बाद में भी क्लास में जाने के लिए मुरे तो देखें कि मोनी की ब्रा यही छूट गई है और जल्दी जल्दी में क्लास में विना ब्रा पहनने ही चली गई।

फिर मैंने मोनी की ब्रा को अपनी पैंट के पैकेट में डालने से पैकेट फूल जा रहा था फिर अपने अंडरवियर में लंड के पास डाल लिए तो मेरे लंड के पास कुछ उभरा हुआ लग रहा था ज्यादा कुछ नहीं।

फिर क्लास में चले गए तो मोनी धीरे से पुछी इशारे में क्या हुआ है वाहा पर तो मैंने कहा कालेज के बाहर मिलना।

फिर कालेज खत्म होने के बाद मोनी मिली तो मैंने कहा अपनी बैंग खुली रखो फिर रास्ते में चलते हुए पैट में हाथ डाल कर मोनी की ब्रा को निकाले और सीधा मोनी की बैंग में डाल दिए तब मोनी अपनी ब्रा को देखकर हंसने लगी।

मैंने पुछा तुम – हंस क्यूं रही है, वैसे भी तुम्हारी चूची बड़ी बड़ी होती तो तुम्हारी ब्रा मेरे अंडरवियर में भी नहीं रह पाता।

फिर अगले दिन दिन कालेज पहुच कर एक। लेक्चर लेने के बाद दोनों छत पर चले गए।

फिर मोनी आइ और मुझे किस करके बात करते हुए बोली – मुझे भी अपनी चूची को बड़ी करनी है अपनी सोभा दीदी जितना।

तो मैंने कहा तुम्हारी दीदी की शादी हो गई है और बच्चे दूध पी रहें होंगे तो हो गई होगी।

फिर मोनी बोली – पर मेरी दीदी के तो कोई बच्चा नहीं है फिर भी सोभा दीदी की चुची बड़ी बड़ी हैं।

फिर मैंने कहा – तुम्हारी सोभा दीदी की शादी हो चुकी है तो तेरे जीजा ने बड़े कर दिए होंगे।

तो मोनी मुस्कराते हुए बोली – तुम भी मेरी दोनों चूचियों को बड़ी बड़ी कर दो ना प्लीज विक्रम!

तो मैं मोनी की होंठों को चूसते हुए ब्लाउज के ऊपर से चूची को सहलाने लगे।

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तो मोनी आह आह की आवाज निकालने लगी।

फिर मैंने मोनी की साडी की पलू को निचे गिरा कर ब्लाउज के सारे बटन खोल कर ब्रा को भी खोल कर मोनी की चूचियों को चूसने लगे।

मोनी की चूची छोटी छोटी थी एक दम टाइट तो मैं मोनी की पूरी चूची को मुँह के अंदर लेकर चूस रहे थे, फिर एक को चुसने के बाद दूसरी चूची को चूसने लगे तो मोनी आह आह आह की आवाज निकलने लगी।

मोनी की आवाज को शांत करने के लिए शांत करने के लिए मोनी की होंठों को अपने होंठों में दबाकर चूसने लगे कुछ देर बाद जब मोनी शांत हो गई, फिर कान गर्दन कंधे पर से होते हुए।

मोनी की दोनों चूचियों के बीच में चूसने लगे, बीच बीच जब मेरा जोंस बढ़ जा रहा था तो दांतों से काट भी देते थे, मेरे दांत से काटने से मोनी सिहर जाती थी।

उसके बाद मोनी की पेट को चाटते हुए ढोडी में जीभ डालकर चुसने लगें तो मोनी बिन पानी की मछली की तरह छटपटाने लगी।

फिर मोनी खड़ा करके साडी को ऊपर करके पैर को चूमते हुए जांघों को चूमते हुए मोनी की पैंटी को उतार दिए।

और मोनी की सेक्सी जांघों को देखकर दांत से काट लिए तो मोनी चिल्लाने लगी।

फिर मैंने अपनी रूमाल मोनी को देकर बोले मुंह में डाल कर मुंह बंद कर लो।

फिर मोनी मेरे रूमाल को मुंह में डाल ली फिर मोनी की चूत पर जीभ को रख कर चूत को चाटने लगे तो मोनी अकड़ने लगी और जोर जोर से आह की आवाज निकलने लगी पर रूमाल की वजह से आवाज निकल नहीं रही थी।

फिर जल्दी से मोनी की चूत पर जीभ फिराने लगे तो मोनी झड़ गई।

तो मोनी को अपनी गोद में बैठा कर शांत किए और किस करने लगे।

3 मिनट बाद मोनी जब नॉर्मल हो गई तो मुझसे से लिपट कर किस करने लगी, मेरे शर्ट के सारे बटन खोल कर मेरे सीने पर किस करने लगी और मेरे निप्पल चूसने चाटने लगी और मुस्कराते हुए काट भी रही थी।

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फिर मेरे पेट से होते हुए मेरे पैंट की ज़िप खोल दी और मेरे लंड को अंदर से बाहर निकाल कर मोनी काफी खुश हुई।

तो मैंने पुछा – अब क्या करने का मन है।

फिर मोनी बोली – तुमने मुझे इतना प्यार किया, अब मैं भी करूंगी, मुझे मत रोको!

तो मैंने कहा – करना है तो प्यार से करो मेरे लंड को दांत से काट मत देना, और हंसने लगे।

फिर मोनी बोली ठीक है और मोनी मुँह खोली और जीभ निकाल कर मेरे लंड के सुपारे को चाटने लगी।

फिर कुछ देर सुपारे को जीभ से चाटने के बाद मोनी‌ मेरे लंड को अपने मुँह में लेकर ऊपर नीचे करने लगी मेरे आधा लंड को ही अपने मुंह में डाल रही थी जो मोनी के गले तक चला जा रहा था।

फिर मैंने मोनी को बाहर से बाकी बचे हुए लंड को चाटने
और साथ मे मेरे गोली को भी चूसने लगी और मेरे लंड के सुपारे पर जीभ फिराने लगी।

तो मुझे भी बहुत ज्यादा मजा आने लगा।

फिर खड़े हो गए तो मोनी अपने घुटने के बल बैठ कर मेरे लंड चूसने लगी।

कुछ देर बाद जब झड़ने वाले थे, तो मोनी की मुंह से लंड को बाहर निकाल कर झड़ गए।

फिर मोनी को किस करने लगे और मोनी की पीठ पर हाथ घुमाने लगे।

फिर मोनी पुछी – विक्रम आपको मजा आया की नहीं?

तो मैंने कहा – बहुत मजा आया, तुम्हें कैसा लगा लंड चूस कर?

फिर मोनी बोली – मुझे भी बहुत मजा आया, एक बार और चुसने का मन है।

फिर मैंने टाइम देखा तो 2 बजे रहा था।

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तो मोनी मेरे लंड को अपने हाथ में पकड़ कर खेलने लगी।

फिर मोनी‌ को खड़ा करके साडी ऊपर करके मोनी की चूत पर एकदम से टूट पड़े तो मोनी आह आह करके आवाज निकलने लगी।

करीब 20 मिनट चूत को चुसने के बाद मोनी फिर से झड़ गई।

फिर मोनी मेरे गोदी में बैठ गई फिर मोनी गोदी में बैठी थी तो मोनी की होंठों को अपने होंठों में ‌लेकर चुसने लगे।

फिर कुछ देर किस करने के बाद मोनी मेरे लंड को पकड़ने लगी।

उस समय मोनी एक पैर में पिछे और ‌एक‌ आगे करके बैठी थी तो मेरा लंड सीधा मोनी की चूत में टच होने लगा।

मोनी को किस करते हुए अपने हाथ से छोटी छोटी दोनों चूचियों को बारी बारी दबा रहे थे तो मोनी आह आह की आवाज निकालतें हुए अपनी कमर को हिला हिला कर अपनी चूत को मेरे लंड पर रगड़ रही थी।

फिर कुछ देर बाद मोनी जल्दी जल्दी अपनी चूत को मेरे लंड पर रगड़ने लगी, तो मोनी की चूतड़ को हाथ से पकड़ कर दबाने लगे।

फिर मैंने मोनी के दुसरे पैर को भी अपने ऊपर से हटा कर अपने लंड को मोनी की चूत पर रगड़ने लगे, जिससे मोनी अकड़ कर झड़ गई।

फिर मैंने मोनी को किस करके अपने बांहों में समेट कर बैठ गए। और बहुत प्यार से मोनी की नंगे शरीर को सहलाने लगे।

कुछ देर बाद दोनों खड़े हुए ‌और अपने कपड़े ठीक करके किस किए और दोनों निचे गए और बैग लेकर अपने अपने रूम पर चले गए।

एक महीने तक दोनों ऐसे ही कालेज के छत पर मजे करते रहे।

आगे की कहानी अगले भाग में आपको कैसी लगी कहानी कामेट करके जरूर बताएं।

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